kesar ki kheti एक बहुत ही कीमती और सुंगधित मसाला होता है । और केसर की खेती उगाया जाने वाला सोना भी कहा जाता है । और बड़े मुश्किल से चुनिंदा जगहों पर उगाया जाता है । केसर की खेती एक बहुत महत्वपूर्ण फसल होती है । केसर की कीमत लगभग 300 से 400 ग्राम तक होती है । केसर की खेती जम्मू काश्मीर , के पुलवामा जिले के पंपोर क्षेत्र में होती है । और इस केसर की बैलू दुनिया भर में से सबसे ज्यादा होती है । केसर तीन प्रकार के होते है । काश्मीरी केसर , ईरानी केसर , और स्पैनी केसर लेकिन जो कश्मीरी केसर होता है । वो वर्ल्ड फेमस होता है।

kesar ki kheti और किस्म
केसर की खेती जम्मू काश्मीर के अलावा और अलग अलग जगहों में होती है । वो ईरानी और स्पैनी केसर की खेती होती है । काश्मीरी केसर भी तीन तरह की होती है । जैसे की मोगरा केसर , लच्छा केसर , और जर्दा केसर , केसर की खेती बहुत मुश्किल भरी होती है । केसर की खेती के उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 0.50 से 0.70 किलोग्राम तक होता है । केसर के उपयोग कई कार्यों में किया जाता है , त्वचा , गर्भ अवस्था , औषधीय आदि कामों में उपयोग किया जाता है । केसर दुनिया भर में सबसे महगें मशालो में से एक माना जाता है ।
केसर की असली पहचान , जो पानी या दूध में डालने के 15 से 20 मिनट के बाद घुलता है । वो असली केसर होता है । और जो नकली केसर होता है । वो पानी या दूध में डालते ही घुल जाता है । केसर के फायदे , केसर के सेवन से शारीरिक कमजोरी दूर होती है । और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है । केसर में विटामिन C पाई जाती है । और रोगों से लगने की क्षमता होती है । केसर की खेती करने के लिए जलवायु , वातावरण , और मिट्टी अनुकूल होनी चाहिए । केसर की खेती के लिए तीन तरह की मिट्टी उपयुक्त होती है । जैसे रेतीली मिट्टी , चिकनी मिट्टी , और बुलई दोमट मिट्टी , होनी चाहिए , और खेत में जल निकासी अच्छी होनी चाहिए , अगर खेत में जल भराव होता है । तो बीज पूरी तरह से नस्ट हो जाता है । इसलिए खेत में जल भराव की समस्या न हो ।

केसर की खेती करने के लिए मिट्टी को अच्छी तरह से तैयार करें । खेत तैयार करने के लिए खेत की अच्छी तरह जोताई करें और खेत में रोटावेटर चलाए , और खेत की मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरी बनालें और साथ ही साथ 15 से 20 टन गोबर की खाद , 90 से 100 किलोग्राम नाइट्रोजन फ़र्टिलाइज़र , और 70 से 80 किलोग्राम फास्फोरस फ़र्टिलाइज़र , प्रति हेक्टेयर के हिसाब से डाल दें । केसर लगाने का समय पहाड़ी क्षेत्रों में जुलाई से अगस्त तक बहुत अच्छा टाइम होता है । अगर मैदानी क्षेत्रों में केसर की खेती कर रहें है । तो केसर लगाने का समय फरवरी से मार्च तक होता है । केसर लगाने के लिए गड्ढों का उपयोग किया जाता है । 6 से 7 इंच का गड्ढा होना चाहिए और केसर के बीज की दूरी 8 से 10 सेंटी मीटर तक होनी चाहिए । इससे केसर अच्छे से फलेगा और उत्पादन भी अच्छा होता है ।
केसर तैयार होने के बाद फूल को तोड़ने के लिए मशीनों से नहीं बल्कि हाथों से तोड़ना ज्यादा उपयुक्त होता है । केसर का फूल जो होता है । बहुत कम समय तक के लिए खिलता है । इसलिए फूल खिलते ही तोड़ लेना जरुरी होता है । और जो फूल से रेसे निकलता है , वही असली केसर होता है । एक फूल में तीन से चार रेसे निकलता है । फूल निकलने का समय सितंबर से दिसंबर के बीच तक का होता है । और फूल से केसर निकलने के बाद फूल किसी काम का नहीं होता है । केसर की खेती करने के लिए अनुकूल वातावरण का होना बहुत जरुरी होता है । इसलिए ज्यादा से ज्यादा केसर की खेती जम्मू काश्मीर में ही होती है
