Organic palak farming , अपने घर पर गमले में सरल तरीके से उगाई जा सकती है पालक एक पत्तेदार हरी सब्जी होती है , और पालक साग में कैल्शियम , विटामिन की मात्रा भरपूर पाई जाती है , घर पर पालक उगाने के लिए ज्यादा जगह की भी जरुरत नहीं होती है , पालक उगाने के लिए गमला , ग्रो बैग या आँगन काफी होता है ,

Organic palak उगाने का सही तरीका और देखभाल
पालक बुवाई के लिए साधारण मिट्टी का चुनाव करके मिट्टी में पोषक तत्व जरुरत के हिसाब से डालें जैसे गोबर की खाद वर्मी कम्पोस्ट जैसे खादों को डाल कर मिट्टी को अच्छे से तैयार करें , इससे मिट्टी में पोषक तत्व की पूर्ति अच्छी होती है । खाद उर्वरक जैसे पोषक तत्व डाल कर मिट्टी को तैयार करने के बाद एक अच्छे गमले का चुनाव करे । तैयार की गयी मिट्टी को गमले में डालकर भर दें । गमले के निचली सतह पर छोटे छोटे छेद कर दें , ताकि ज्यादा पानी होने पर पानी आसानी से निकल सके , और पानी से पौधे को कोई नुकसान न हो ।
पालक साग की बुवाई के लिए एक अच्छे बीज को बाजार से खरीद कर गमले में बीज की बुवाई करे , बुवाई के बाद पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद पानी समय पर दें , पालक बुवाई के एक महीने के बाद पालक की साग तोड़ाई के लिए तैयार हो जाती है । पालक की साग की तोड़ाई के समय खास बात का ध्यान रखें जब पालक की तोड़ाई करें उस समय पौधे की जड़ो के 2 से 3 इंच ऊपर से साग की तोड़ाई करें ताकि कटे हुए डंठल से दोबारा पालक की साग निकल सके और पालक साग की तोड़ाई 2 से 3 बार कर सकें । पालक के पौधे में कीट फंगस की समस्या होने से कीट नियंत्रण करें । और पालक साग की तोड़ाई के बाद हल्की सिंचाई करें ।
पालक की साग एक ऐसी सब्जी है जो कम से कम दिनों में तैयार हो जाती है ।और घर पर पालक उगाने के कई लाभ होते है , बाजार से लाने की झंझट नहीं होती है , और हरी भरी ताजी सब्जी केमिकल युक्त घर पर उपलब्ध होती है । जो स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक होती है । पालक घर पर लगाने के लिए समय समय पर देख भाल करना बहुत जरुरी होता है । Organic palak farming
