Chukandar, कितने दिन में तैयार हो जाता है?

chukandar, की फसल लगभग 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है, कुछ किस्में 90 से 110 दिन तक का समय तैयार होने में ले लेती है, चुकंदर की खेती का अनुकूल समय, बरसात के दोनों में जुलाई से अगस्त तक, गर्मियों के दिन में मार्च अप्रैल , और सर्दियों के दिन में अक्टूबर नवंबर तक चुकंदर की खेती करने का बहुत ही उचित समय माना जाता है।

chukandar के खेत की तैयारी और तापमान

Chukandar ke khet ki tayari

चुकंदर की खेती के लिए तापमान 12°c डिग्री सेल्सियस से 14°c डिग्री सेल्सियस तक और 30°c डिग्री सेल्सियस से 35°c डिग्री सेल्सियस तक काफी अनुकूल समय होता है, चुकंदर की खेती के लिए मिट्टी, काली मिट्टी, काली दोमट मिट्टी, पीली मिट्टी, हल्की मिट्टी, भारी मिट्टी, सभी प्रकार की मिट्टी चुकंदर की खेती के लिए  उपयुक्त मानी जाती है, मिट्टी की ph 5.5 से 7.5 तक अच्छी मानी जाती है, खेत की गहरी जोताई, और रोटावेटर की मदद से खेत को भुरभुरी बना लें खेत की उत्तम जल निकासी हो, खेत में पानी का भराव न हो,

चुकंदर की उन्नत किस्म 

  • नामधारी मधुर  Beet root
  • रेड बॉल
  •  Syngenta ruddy
  • Shreeram flanna
  •  Early wonder
  •  Sakata kestrel

यह chukandar की सभी किस्में अधिक से अधिक उत्पादन देने वाली होती है, बीज की लागत प्रति एकड़ के दर से 1 किलोग्राम तक की आवश्यकता होती है, चुकंदर की बुवाई छिड़कन  विधी या मशीनों द्वारा किया जा सकता है,

बैड तैयार 

बैड विधी से चुकंदर को लगाने से कंदो का विकास अच्छा होता है, और चुकंदर का उत्पादन में काफी वृद्धि होती है, बैड बनाने के लिए बैड मेकर की मदद से बैड को तैयार करें,

  • बैड से बैड की दूरी 2.5 फीट
  • बैड की चौड़ाई 2.5 फीट
  • बैड की ऊंचाई 1 फीट
  • बीज से बीज की दूरी 5 से 6 सेंटी मीटर
  • बीज की गहराई 2.5 सेंटी मीटर

चुकंदर की बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है और चुकंदर की बुवाई बैड के ऊपर ही करें।

चुकंदर की बुवाई के समय वेसल डोज

Chukandar ki buvai ke samay vesal doj

  • SSP खाद 150 किलोग्राम 
  • DAP खाद 40 किलोग्राम
  • MOP खाद 30 किलोग्राम
  • Regent दानेदार 5 किलोग्राम
  • 2 ट्राली गोबर की खाद

चुकंदर की बुवाई के समय इन सभी खादों का प्रयोग प्रति एकड़ के दर से प्रयोग करें।

Drip irrigation, चुकंदर की फसल में ड्रिप इरीगेशन, टपक सिंचाई की जरुरत बहुत महत्वपूर्ण  होती है, इसके लिए, 16mm ड्रिप इरीगेशन काफी अच्छा होता है, चुकंदर की फसल 25 से 30 दिन की जब हो जाए, तब खाद का छिड़काव करें।

  • NPK 19.19.19, 3 किलोग्राम
  • NPK 17.44.0, 3 किलोग्राम
  •  Micronutrients खाद 500 ग्राम

इन सभी खादों को मिलाकर पांच पांच दिनों के अंतराल में छिड़काव करे प्रति एकड़ के दर से पांच पांच दिनों के अंतराल में, इसके बाद जब फसल 45 से 60 दिन की हो जाए तब खाद का छिड़काव करें,

  • NPK 0-52 -34, 4 किलोग्राम
  • NPK 0- 13- 40 13, 4 किलोग्राम
  • NPK 0-0 -50, 4 किलोग्राम
  • कैल्शियम नाइट्रेड 4 किलोग्राम

8.8 दिन के बाद इन सभी खादों का छिड़काव करके सिंचाई करें, चुकंदर की फसल को कीटों से सुरक्षित बचाना काफी महत्पूर्ण होता है, फसल में कई प्रकार के कीटों का प्रकोप होता है, जैसे सेमी लूपर, सफ़ेद मक्खी, जैसिड, विल्ट, झुलसा, रुट बोरर, इन सभी कीटों के नियंत्रण के लिए स्प्रे,

spray schadule, पहला स्प्रे फसल  जब 30 से 35 दिन की हो जाए,

Chukandar ki fasal men kitnashak spre

  •  tata taqat fungicide, 40 gm
  •  Bayer solomon insecticide, 12 ml
  •  Paushak super, 25ml

इन सभी कीटनाशक स्प्रे को 15 से 20 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें, यह स्प्रे करने के बाद कोई दूसरा स्प्रे करने की जरुरत नहीं होती,और चुकंदर की फसल में शानदार रिजल्ट देखने को मिलता है।

Chukandar के फसल की सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण

चुकंदर की फसल में अत्यधिक सिंचाई की जरुरत तो नहीं होती है, लेकिन मिट्टी के अनुसार सिंचाई की आवश्यकता होती है, हल्की मिट्टी में थोड़ा ज्यादा सिंचाई की जरुरत होती है, और भारी मिट्टी में कम सिंचाई की जरुरत होती है। चुकंदर की फसल में

खरपतवार नियंत्रण, पौधे के अच्छे विकास और फसल के अच्छा उत्पादन के लिए खरपतवार नियत्रण बहुत जरुरी होता है। फसल में खरपतवार उगने पर निराई गुड़ाई के माध्यम से खरपतवार को निकाल कर नष्ट कर दें, खरपतवार के लिए कीटनाशक स्प्रे का प्रयोग न करें, इससे फसल के उत्पादन में भारी गिरावट होती है। और काफी नुकसान होता है,

चुकंदर की फसल तैयार होने का अवधि, 80 से 90 दिन और कुछ किस्में, 100 से 110 दिन तक में तैयार हो जाती है, और फसल का उत्पादन प्रति एकड़ 95 से 100 क्विंटल तक का उत्पादन होता है।

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