Dhan ki fasal men kharpatwar का नियंत्रण करना बहुत जरुरी है । धान की फसल में ज्यादा मात्रा में आने वाले खरपतवार कई प्रकार के होते है , जैसे चौड़ी पत्ती , सकरी पत्ती , और मोथा भथुआ दूबघास कनकबा जैसे खरपतवार धान की फसल में पाए जाते है । अच्छी क्वालिटी खरपतवारनाशक दवाई का उपयोग करें । इससे धान की फसल में होने वाले खरपतवार नस्ट हो जायेगे , और धान की फसल में अच्छा विकास होगा ।

Dhan men kharpatwar नियंत्रण
- खरपतवार नियंत्रण के लिए कई विधिया अपनाई जाती है । जिनमें से कुछ प्रमुख है ?
- स्वच्छ बीज का उपयोग प्रमाणित और खरपतवार रहित का उपयोग करें
- खेत की तैयारी , बुवाई से पहले गहरी जुताई करें ताकि खरपतवारों के बीज नष्ट हो जाएं
- पानी का प्रबंधन , सिंचाई की नालियों और मशीनों को साफ रखें ताकि खरपतवार के बीज दूसरे खेतों में न फैले ।
यांत्रिक विधिया , निराई गुड़ाई रोपाई के 20 से 25 दिन बाद हाथ से या खुरपी पैड़ी वीडर जैसे यंत्रों से निराई गुड़ाई करें , जल भराव धान के खेत में 4 से 5 सेमी पानी भरकर रखने से भी कई खरपतवारों को उगने से रोका जा सकता है । रासायनिक विधिया , खरपतवारनाशक दवाओं का उपयोग खरपतवारों के प्रकार और फसल की अवस्था के आधार पर किया जाता है ।
धान में उपयोग की जाने वाली प्रमुख खरपतवारनाशक दवाएं
धान की फसल में खरपतवारों को नियत्रिंत करने के लिए विभिन्न प्रकार की रासायनिक दवाओं का उपयोग किया जाता है । ये दवाएं आमतौर पर दो प्रकार की होती है ।
- प्री इमर्जेंट, खरपतवारनाशक ये दवाएं खरपतवारों के उगने से पहले या रोपाई , बुवाई के तुरंत बाद उपयोग की जाती है । ये खेत में एक परत बना देती है , जिससे खरपतवार उग नहीं पाते
- पोस्ट – इमर्जेंट खरपतवारनाशक , ऐ दवाएं खरपतवारों के उगने के बाद जब वे 2 से 3 पत्तियों की अवस्थाओं में हो , तब उपयोग की जाती है ।
प्री इमर्जेंट खरपतवारनाशक ब्यूटाक्लोर 50%EC उपयोग रोपाई बुवाई के 2 से 3 दिनों 72 घंटे के अंदर , मात्रा 2.5 लीटर प्रति हेक्टेयर 600 से 700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें या 50 से 60 किलोग्राम सूखी रेत में मिलाकर बिखेर दें । खेत में हल्का पानी भरा होना चाहिए . Pretilachlor 30.7%EC या 50%EC , उपयोग बुवाई रोपाई के 20 से 72 घंटों के भीतर , मात्रा लगभग 600 से 750 मिली लीटर प्रति एकड़ 30.7%EC या 600 मिली लीटर प्रति एकड़ 50%EC इसे बालू में मिलाकर या पानी में घोल बनाकर छिड़काव किया जाता है । विशेषता 37%EC जल आधारित Pretilachlor बारिश में कम नुकसान देता है । जबकि 50% तेल आधारित बारिश में पानी के साथ बह सकता है । पेडीमेथालिन30%EC उपयोग सीधी बुवाई वाले धान में खरपतवार उगने से पहले छिड़काव किया जाता है । मात्रा लगभग 1.5 लीटर प्रति एकड़ पेनोक्ससुलम+ ब्यूटाक्लोर , उपयोग बुवाई के 0.7 दिन तक , यह प्री और पोस्ट इमरजेंस दोनों तरह के खरपतवारों को नियंत्रित करती है ।
पोस्ट इमर्जेंट खरपतवारनाशक , बिस्पाइरिबैक सोडियम 10% SL जैसे नॉमिनी गोल्ड उपयोग खरपतवार उगने के बाद बुवाई रोपाई के 15 से 20 दिनों के अंदर जब खरपतवार 2 से 3 पत्तियों की अवस्था में हो । मात्रा 250 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर 700 से 800 लीटर पानी में घोल बनाकर 80 मिलीलीटर प्रति एकड़ की मात्रा भी बताई गई है । मात्रा और समय भी खरपतवारनाशक का उपयोग करने से पहले उसकी सही मात्रा और सही समय जानकारी जरूर लें । यह जानकारी उत्पादन के लेवल पर होती है । dhan men kharpatwar
