Elaichi ki kheti

Elaichi ki kheti भारत में मसालों की रानी कहा जाता है । इसका उपयोग रसोई के अंदर , और कॉस्मेटिक , परफ्यूम , मेडिसिन , शराब अदि चीजों में उपयोग किया जाता है । इलायची की खेती भारत में ही नहीं देश विदेशों में भी होती है । इलायची के लिए मिट्टी और जलवायु सबसे उपयुक्त होता है । इलायची की खेती के लिए गर्म वातावरण ऊमष भरा वातावरण वाले क्षेत्र ज्यादा उपयुक्त माना जाता है । और समुद्र तल से 600 से 1500 मीटर तक ऊंचाई वाला क्षेत्र होना चाहिए । इसके लिए वर्षा लगभग 1500 सौ  से 2000 हजार वर्षा मिमी तक की एनुवल वर्षा की जरुरत होती है ।

 

Elaichi ki kheti का तरीका और रख रखाव

Elaichi ke danen

 

इलायची की खेती के लिए तापमान की जरुरत 10 डिग्री सेल्सियस से 35°c  डिग्री सेल्सियस तक का तापमान होना चाहिए । इसके लिए मौसम और वातावरण बरावर होना चाहिए । इसमें ज्यादा सूखा , जयादा ठंडी , और ज्यादा गर्मी भी नुकसान पहुँचती है । इलायची की खेती के लिए मिट्टी का प्रकार , मिट्टी में जल निकासी अच्छी होनी चाहिए , और मिट्टी का ph 5.5 से 6.5 तक और ऑर्गेनिक मेटर अच्छा हो ।  खेत में जल भराव न हो । इलायची की किस्म बैरायटी, इलायची की किस्म बैरायटी 3 प्रकार की होती है । इलायची की किस्म ,मालावार इलायची , मैसूर इलायची , वजुक्का इलायची । वजुक्का एक प्राकृतिक  संकर किस्म है , जो मालावार और मैसूर  किस्मों के बीच पाई जाती है ।

 

इलायची के पौधे की नर्सरी तैयार करना , जमीन में अलग अलग , जगहों पर गड्ढे बनाए और गड्ढे की दूरी 2 से 2.5 के बीच रखे , गड्ढों में गोबर की खाद डालें , गड्ढे तैयार होने के बाद पौधों को लगा दें , आमतौर पर इलायची का पौधा लगाने के लगभग 3 से 40 साल के बाद फल देना शुरू कर देता है । इलायची के पौधे के जड़ों के पास से गाठ निकलती  है । इलायची के पौधे का अच्छे से रख रखाव होता है । तो 8 से 10 साल तक फल देता है , और इलायची दानें की तुड़ाई हर 15 से 20 दिन में होती रहती है । और तोड़ने की प्रक्रिया लगातार 4 से 6 महीने तक चलती है ।

 

इलायची के पौधे में सिंचाई की जरुरत कब और कितनी होती है । गर्मी के दिनों में 2 से 3 दिन में सिंचाई की जरुरत होती है । और ठंडी के दिनों में लगभग 7 से 10 दिन के अंदर सिंचाई की जरुरत होती है । बरसात के महीने में बारिश के पानी से सिंचाई की पूर्ति हो जाती है । इलायची के पौधे में लगने वाली बीमारी , सूट और बोरर कैप्सूल आते है । जो पौधे को ख़त्म कर देते है । और तने , पत्तियाँ जड़ों को भी नुकसान पहुंचाते है । इन बीमारी को ऑर्गैनिक तरीके से हटाएँ , इसके लिए नीम ऑयल , बायो पेस्टीसिड्स का उपयोग करके कीटों, और रोगों से बचाव करें ।

Elaichi ki kheti

इलायची का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 800 से 1500 किलोग्राम तक का उत्पादन होता है । और इलायची का देखभाल जितना अच्छा रहेगा उतना अच्छा उत्पादन होता है । इलायची के पौधा मौसम , जलवायु पर निर्भर होता है । इलायची के बाजार भाव की बात करें तो लगभग इसकी कीमत 2400 से 2800 किलोग्राम तक होती है । और बाजार में इसकी मांग दिन प्रति दिन बढ़ती ही रहती है । अगर इलायची की खेती किया जाता है । तो मुनाफा भी अच्छा होता है । इलायची का पौधा एक बार लगाने के बाद 10 से 12 साल तक चलता रहता है । इलायची के पौधे की ऊंचाई लगभग 6 से 12 फिट तक होती है ।

 

इलायची की तोड़ाई , इलायची दानों को पौधों से तोडना या काटना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है । इलायची पूरी तरह से पक जाए , और पकने से थोड़ा पहले तोड़ लेना चाहिए , इलायची दाने की तोड़ाई  जून से लेकर जनवरी तक तोड़ाई की जाती है  , और  तोड़ाई हाथों से करना ज्यादा सही होता है । इलायची तोड़ने के बाद धूप में अच्छे से सूखने दें । इलायची एक लोकप्रिय मसाला माना जाता है । और इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों और पेय पदार्थों में किया जाता है ।

  

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