Ganne ki buvai , किस महीने में करनी चाहिए

Ganne ki buvai का समय जनवरी से लेकर फरवरी , मार्च गन्ने की बुवाई के लिए सही महीना होता है , और इसके आलावा दूसरे सीजन में जून से जुलाई , अगस्त ganne ki buvai  के लिए अच्छा समय माना जाता है । गन्ना एक ऐसी वजन दार फसल होती है जिसमे नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश सल्फर कैल्शियम बोरोन जैसी चीजों की अधिक जरुरत होती है ।

ganne ki buvai kis mahine karni chahiye

ganne ki फसल  की तैयारी और खाद उर्वरक

 

ganne ki  फसल की एक अच्छी पैदावार निकालने के लिए सही समय पर खादों का प्रयोग करना जरुरी होता है , इसके लिए ऑर्गेनिक खाद या रासायनिक खाद स्तेमाल किया जा सकता है ऑर्गेनिक खाद के लिए गोबर की खाद , मुर्गी खाद सरसों की खली और गन्ने की एक अच्छी पैदावार लिकालने के लिए इन सभी ऑर्गेनिक खाद डालना बहुत जरुरी होता है ।

 

गन्ने की वैरायटी फसल से अच्छा उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है , गन्ने की वैरायटी ,1 (Co – 0118) 2 ( Co – 91269) 3 ( Co – 15023) 4 ( Copb – 95) 5 ( Co5 13235) ऐ सभी वैरायटी काफी अच्छी होती है , और अधिक से अधिक उत्पादन देने वाली होती है , गन्ने की बुवाई के लिए गन्ने  के  डुकड़ों की जरुरत होती है , और गन्ने की  लागत प्रति एकड़ 12 से 15 क्विंटल तक की आवश्यकता होती है , गन्ने की बुवाई के लिए खेत में बैड तैयार करना , बैड से बैड की दूरी 4.5 से 5.5 फीट तक लाइन से लाइन की दूरी 4 से 5 फीट तक बैड की ऊंचाई 1 से 1.5 फीट और पौधे से पौधे की दूरी 2 फीट तक सही माना जाता है ।

 

गन्ने की बुवाई के समय वेसल डोज ( DAP खाद 18 46 दो बैग , MOP खाद एक बैग , गोबर की खाद 3 ट्राली खेत की तैयारी के समय प्रति एकड़ के दर से  उपयोग करके खेत को तैयार करें । और गन्ने की बुवाई से पहले गन्ने के  कटे टुकड़ों को बीज उपचार करें , बीज उपचार करने के लिए कार्बेंडाजिम जैसे कीटनाशक की मदद से पानी में मिलाकर कटे गन्ने के टुकड़ों को  बीज उपचार करें , होने वाले कीटों के संक्रमण से बचाया जा सकता है ।

गन्ने की फसल में खरपतवार नियंत्रण

 

गन्ने की फसल में चौड़ी पत्ती सकरी पत्ती जैसे खरपतवार देखने को मिलते है , इसके लिए  निराई गुड़ाई करके खरपतवार को खेत के बाहर निकाल दें , या (Sempra 100 gm) 200 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करें । स्प्रे करने से होने वाले गन्ने की फसल में खरपतवार नस्ट हो जाएंगे । गन्ने की बुवाई के 30 से 35 दिन के बाद खाद डालें , यूरिया खाद 30 किलोग्राम , अमोनियम सलफेट 25 किलोग्राम , MOP खाद 20 से 25 किलोग्राम , इन सभी खाद को गन्ने की जड़ों के

kaise karen ganne ki kheti

पास छिड़काव करें और हल्की सिंचाई करें । और  गन्ने की फसल 65 से 70 दिन की हो जाए , अमोनियम सलफेट एक बैग , यूरिया खाद एक बैग , MOP खाद एक बैग इसके बाद 100 से 110 दिन के बाद, DAP खाद 16 46 एक बैग ,यूरिया खाद एक बैग ,  MOP खाद एक बैग , प्रति एकड़ के दर से समय  पर  खाद का छिड़काव  करें ।

गन्ने की फसल की निरंतर देखभाल करें और गन्ने की जड़ों में मिट्टी चढ़ाये , गन्ने के पौधे जब बड़े हो जाए 140 से 150 दिन के गन्ने के पौधे की सूखी पत्तियों की छटाई करे और बीच बीच में पौधे की सूखी पत्तियों की छटाई करते रहें । इससे पौधे का मोटापा और बढ़बार अच्छी होती है , गन्ने की फसल में कीटों की निगरानी करते रहे  कीट फंगस होने से कीटनाशक फंगीसाइड का उपयोग करके स्प्रे करें । गन्ने की फसल 8 से 10 महीने की होती है , और गन्ने के उत्पादन प्रति एकड़ 700 से 800 सौ क्विंटल तक  का उत्पादन होता है ।

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