ganth gobhi ki फसल एक सब्जी वर्गी फसल है जिसका उपयोग कई तरह के व्यंजनों में उपयोग किया जाता है , और गांठ गोभी की सब्जी दूसरी सब्जी के अपेछा विटामिन और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है , जो की काफी फायदेमंद होती है गांठ गोभी लगाने का सही समय सितम्बर से अक्टूबर के मध्य होता है । गांठ गोभी की खेती के लिए ठंडे नम जलवायु की आवश्यकता होती है इसके लिए तापमान 15°C डिग्री सेल्सियस से 35°C डिग्री सेल्सियस तक अनकूल माना जाता है,

ganth gobhi ki खेती की तैयारी और भूमि का प्रकार
भूमि और खेत की तैयारी खेती के लिए बहुत बड़ी भूमिका होती है , रेतीली दोमट मिट्टी और मृदा की ph 6.5 से 7.5 तक उपयुक्त होती है , खेत की उत्तम जल निकासी होनी चाहिए , खेत की गहरी जोताई और रोटावेटर की मदद से खेत को भुरभुरी बनालें और खेत में उगे खरपतवार को साफ करदें , जितना अच्छा खेत की तैयारी होगी उतना ही बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा ।
गांठ गोभी की उन्नत किस्म
- किंग ऑफ नार्थ ऐ किस्म 65 से 70 दिन में तैयार हो जाती है ।
- Parpal vine यह किस्म 50 से 60 दिन में तैयार हो जाती है ।
- White vienna 60 से 65 दिन में तैयार हो जाती है ।
- लार्ज गिरानी किस्म 75 से 80 दिन में तैयार हो जाती है ।
इन सभी किस्मों का उत्पादन काफी अच्छा होता है , और इसमें यह खास बात है की मुलायम और लंबे समय तक स्वस्थ और अच्छा बढबार होती है । गांठ गोभी बीज की मात्रा प्रति एकड़ 100 से 110 ग्राम तक होती है , गांठ गोभी का पौधा तैयार करने के लिए गांठ गोभी की नर्सरी तैयार करनी होती है , नर्सरी तैयार होने में लगभग 20 से 25 दिन में नर्सरी तैयार हो जाती है , गांठ गोभी की अच्छी बढ़बार और विकास के लिए बैड विधि से खेती करना ज्यादा अनकूल होता है ।
गांठ गोभी रोपाई के लिए बैड तैयार करना
बैड तैयार करने के समय बैड से बैड की दूरी 3 फिट बैड की चौड़ाई 2.5 फिट बैड की ऊंचाई 1 फिट गांठ गोभी रोपाई के समय खाद उर्वरक की मात्रा DAP खाद 50 किलोग्राम , SSP खाद 50 किलोग्राम , MOP खाद 20 किलोग्राम सरसों खली 120 से 150 किलोग्राम प्रति एकड़ के दर से इन सभी खादों को मिलाकर रोपाई से पहले बैड के ऊपर डालकर पौधों की रोपाई करें पौधों की रोपाई की दूरी लाइन से लाइन की दूरी 2 फिट पौधे से पौधे की दूरी 1 फिट तक होनी चाहिए ।
गांठ गोभी की सिंचाई की जरुरत हलाकि ज्यादा नहीं होती है लेकिन हल्की भूमि में सिंचाई की जरुरत थोड़ा होती है , और भारी भूमि पर देर से सिंचाई करने की जरुरत पड़ती है । गांठ गोभी की फसल कम से कम सिंचाई में तैयार हो जाती है । फसल में होने वाले खरपतवार को निराई गुड़ाई के माध्यम से खरपतवार को निकालकर बाहर कर दें , गांठ गोभी की फसल में होने वाले कीट बीमारी की समस्या , इल्ली , जड़ गलन , सेमी लूपर जैसी समस्या देखने को मिलती है , इसके नियंत्रण के लिए (Tata taqut fungicide 40gm) ( Bayer solomon 10ml) 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जब फसल 25 से 30 दिन की हो जाए इसके बाद दूसरा स्प्रे 50 से 55 दिन में (Adama plethora 30ml) (Silicon powder 70 gm) (Boron B20% 50gm) 15 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करें ।

गांठ गोभी की फसल में पोषक तत्व के लिए खाद उर्वरक देने का समय फसल 25 से 30 दिन की हो जाए तब ( सल्फर 90% wdg 3 kg) ( micronutrient खाद 50 kg) (यूरिया खाद 25 kg) सभी खादों को मिलाकर छिड़काव करें दूसरी बार खाद देने का समय 45 से 50 दिन में , (सागरिका दानेदार 10 kg) ( MOP खाद 20 kg) ( यूरिया खाद 30 kg) प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें । फसल की अच्छी देखभाल करके बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है, गांठ गोभी का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 75 से 80 क्विंटल तक का उत्पादन किया जा सकता है ।
