Gaon men karen lahsun, की खेती और कमाएं लाखों का मुनाफा

Gaon men karen lahsun की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाएं , लहसुन का प्रयोग खाने पीने में बहुत ज्यादा मात्रा में प्रयोग किया जाता है , और स्वास्थ के लिए भी काफी फायदेमंद होता है । लहसुन की मांग बाजारों से लेकर  घरों तक बहुत ज्यादा होती है , खेती करने के लिए सही समय जलवायु और मौसम बहुत जरुरी होता है ,

Lahsun ki fasal

Gaon men karne लहसुन की खेती और जाने सही समय और विधि

 

लहसुन की खेती करने के लिए सही समय अक्टूबर से लेकर नवम्बर तक होता है , लहसुन की खेती के लिए 15°c डिग्री सेल्सियस से लेकर 32° डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा उपयुक्त माना जाता है , क्योंकि मौसम थोड़ा नमी वाला होता है , तो पौधे का विकास अच्छे से हो पाता है , लहसुन का अच्छा उत्पादन लेने के लिए अच्छी किस्म का चयन करना बहुत जरुरी होता है , लहसुन की किस्म ( G282) ( G -50 लहसुन) (G -2 लहसुन ) ( ऊटी लहसुन ) ऐ चारों लहसुन की किस्म अच्छी उत्पादन देने वाली किस्म होती है ,

 

खेती की तैयारी

 

खेती की तैयारी करते समय गोबर की खाद 3 से 4 ट्राली प्रति एकड़ के हिसाब से डालें और खेत की गहरी जोताई करें , मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरी  बनालें खेत की जल निकासी अच्छी हो जल निकासी अच्छी होने से फसल को कोई नुकसान नहीं होता है , मिट्टी की  ph अगर 7.5 से ज्यादा है तो इसके लिए जिप्सम 50 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालें ,  इससे जमीन का  ph लेवल बराबर रहता है । लहसुन की बुवाई के समय खाद उर्वरक की मात्रा  (ssp खाद दानेदार 50 किलोग्राम ) (Dap खाद 50 किलोग्राम ) ( mop खाद 25 किलोग्राम ) प्रति एकड़ के हिसाब से डालें ।

 

लहसुन की बीज को लगाने से पहले बीज उपचार करना बहुत अहम होता है , बीज उपचार करने से होने वाले कीट फंगस का प्रकोप और जड़ गलन की समस्या नहीं देखने को मिलती है , बीज उपचार फंगीसाइड ( basf xelora fungicide 3ml)  (Syngenta vibrance integral 1.5 ml) 3ml की मात्रा प्रति किलोग्राम बीज के साथ बीज उपचार करें बीज उपचार करने के 1 से 1.5 घंटे तक धूप में सुखाएं । लहसुन की बीज को लगाने के लिए बैड विधि ज्यादा सही होता है , बैड की चौड़ाई 2 फीट से 2.5 फीट बैड की ऊंचाई 1 फीट और बैड से बैड की दूरी 2 फीट तक अच्छा होता है , बैड तैयार होने के बाद लहसुन को लेवर मजदूर की मदद से लगवा दें । बीज की मात्रा प्रति एकड़ लगभग 200 से 220 किलोग्राम तक की होती है

Gaon men karen lahsun ki kheti

लहसुन की बुवाई के समय खेत में नमी होना बहुत जरुरी होता है , खेत में नमी होने से बीजों का जमाव सही तरीके से होता है ,  लहसुन की बुवाई के उपरांत हल्की सिंचाई करें , इसके बाद लहसुन की सिंचाई 10 से 15 दिन के अंदर में करें और पौधे की जरुरत के हिसाब से सिंचाई करें और पानी का भराव खेत में न  हो खेत में होने वाले खरपतवार को समय समय से निराई गुड़ाई करें , खरपतवार की निराई गुड़ाई करने से पौधे का बढ़वार और विकास अच्छा होता है , और इसके अलावा खरपतवार हटाने के के लिए खरपतवारनाशक का उपयोग किया जा सकता है ।

 

खरपतवारनाशक  ( Pendimethalin 30%100ml) 100ml , 20 लीटर पानी के साथ मिलाकर बुवाई के समय छिड़काव करें और इसके बाद फसल जब 30 से 40 दिन की हो जाए तब (Oxyfluorfen12%Ec) 300ml ,20 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें , होने वाले तरह तरह के खरपतवार नस्ट हो जाएगें।

 

लहसुन की फसल में अच्छा उत्पादन के लिए खाद उर्वरक देना बहुत महत्वपूर्ण होता है , मिक्रोनुट्रिएंट्स खाद 5 किलोग्राम , यूरिया खाद 30 किलोग्राम , दोनों खाद को मिलाकर छिड़काव करें जब फसल 25 से 30 दिन की हो जाए और खाद देने के बाद सिंचाई करें , इसके बाद फसल 45 से 50 दिन की हो जाए , यूरिया 45 किलोग्राम सागरिका दानेदार 10 किलोग्राम  सल्फर 90% wdn  25 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें , लहसुन की फसल तैयार होने में लगभग 150 से 180 दिन में तैयार हो जाती है , लहसुन की फसल में नियमित रूप से देखभाल कर के अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है । Gaon men karen lahsun

 

 

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