Gehu, के फसल में कल्ले बढ़ाने के लिए, सही समय में गेहूं के फसल की अच्छी देखभाल, सही समय पर सिंचाई खाद उर्वरक, खरपतवार नियंत्रण इन सभी चीजों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है, गेहूं की फसल में कल्ले और ज्यादा से ज्यादा फुटाव हो और फसल काफी अच्छी रहे हर कोई चाहता है, गेहूं की बुवाई के समय, DAP खाद, SSP खाद जैसे उर्वरक खादों का उपयोग किया जाता है, फिर भी गेहूं की फसल में उतना अच्छा रिजल्ट देखने को नहीं मिलता है, गेहूं की फसल में ज्यादा से ज्यादा कल्ले निकले और अच्छा फुटाव हो, इसके लिए बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना होता है।
gehu की फसल में कल्ले और बढ़वार
गेहूं की बुवाई के समय कितनी खाद डाली गई है, और गेहूं की पहली सिंचाई के समय कितनी खाद डाली गई है, अगर गेहूं की बुवाई और सिंचाई के समय कुछ खाद उर्वरको की कमी रह गई है, तो गेहूं की दूसरी सिंचाई के समय इन सभी बातों का ध्यान रखना बहुत अहम होता है, गेहूं की फसल में अच्छा उत्पादन के लिए।

गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई
गेहूं की फसल की दूसरी सिंचाई 40 से 50 दिनों के अंदर कर देना चाहिए, और दूसरी सिंचाई के साथ साथ, यूरिया खाद, सीवीड फर्टीलिज़ेर का उपयोग करें गेहूं की फसल कल्ले और फुटाव से पूरा खेत भर जायेगा
- यूरिया खाद 45 किलोग्राम
- सीवीड खाद 1 किलोग्राम
इन दोनों खाद को मिलाकर दूसरी सिंचाई के बाद 1 एकड़ के क्षेत्रफल में छिड़काव करें, इसके बाद गेहूं की फसल में 5 से 7 दिन के अंदर पौधे में बहुत अच्छा असर देखने को मिलेगा और गेहूं के पौधे हरा डार्क कलर में झूम उठे गा,
गेहूं के फसल में पीला पन
गेहूं की फसल में पीला पन की समस्या देखने को मिलती और फसल पूरी तरह से कम जोर हो जाती है, और फसल में सही समय से देखभाल न किया जा तो फसल पूरी तरह से खराब हो जाती है। इस समस्या से समाधान पाने के लिए सही खाद उर्वरकों का प्रयोग करना जरुरी होता है।

- जिंक सल्फेट 500 ग्राम
- यूरिया खाद 1 किलोग्राम
- मैग्नीशियम सल्फेट 500 ग्राम
- फेरस सल्फेट 500 ग्राम
इन सभी खादों को 200 लीटर पानी में मिलाकर गेहूं की फसल में स्प्रे करें प्रति एकड़ के हिसाब से करें, ऐ स्प्रे करने के बाद फसल की अच्छी बढ़बार बालियां मजबूत और दानों का भराव अच्छे से हो पाता है, और फसल स्वस्थ रहती है।
