Kam jagah men, पान का पौधा बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है , पान का पौधा देश के संस्कृत सनातन परम्परा , सेहत जो ऐसा धार्मिक कार्य जो पान के पत्ता बिना हो जाये , पान के पत्ते के बिना कोई अनुष्ठान कोई धार्मिक कार्य हो ही नहीं सकता है , ऐ साधारण सा पान का पत्ता आप के सेहत के लिए भी सोने से भी ज्यादा कीमती है , पान का पत्ता आसानी से घर के गमले या आँगन में उगाया जा सकता है ।

kam jagah और गमले में पान लगाने का तरीका
पान की कई प्रजातियां पाई जाती है , जैसे की दरभंगा पान , बगला पान , मघई पान , बगला पान की पत्तियां थोड़ी छोटी होती है , और पान तीखा पन सा लगता है , मघई पान , बनारसी पान में थोड़ा सा मीठा होता है , बनारसी पान बड़ा प्रसिद्ध पान होता है, पतली पत्तियों वाला और छोटे छोटे पत्ते होते है , इसके आलावा पान की विभिन्न प्रजातियां होती है ,
पान का पौधा लगाने के लिए मिट्टी को तैयार करना , मिट्टी को तैयार करने के लिए साधारण मिट्टी और मिट्टी के साथ वर्मी कम्पोस्ट नीम खाद गोबर की खाद कोकोफिट जैसे तत्वों को मिट्टी के साथ मिलाकर मिट्टी को तैयार करके गमले में तैयार मिट्टी को भर कर गमले को तैयार कर दें , गमला तैयार होने के बाद पान की नर्सरी से पान के पत्ते का कटिंग करके पान को गमले में लगा दें , पान का पत्ता उसी को कटिंग करना है , जिसमे जड़ें हो पान का पत्ता लगाने के 20 से 30 दिन में नई जड़ और नए पत्ते आ जाते है , पान का पत्ता लगाने के कुछ दिन के बाद गमले में लकड़ी का सहारा दें ताकि पान का पौधा लकड़ी के सहारे से फैल सके और पौधा गिरे ना ,
पान लगाने के बाद पौधे का रख रखाव
पान लगाने के बाद पौधे का रख रखाव करना बहुत जरुरी होता है , पान के पौधे के विकास के लिए हल्की सिंचाई करें , सिंचाई पान के पौधे के ऊपर से करें ताकि पाने के पत्ते में लगे धूल मिट्टी साफ हो जाए इससे पान का पत्ता हरा भरा रहता है , पान के पत्ते को धूप से बचाना बहुत जरुरी होता है , गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां पर धूप न आती हो ,
पान के पौधे में पोषक तत्व डालें इससे पौधे का तेजी से विकास होता है , पोषक तत्व , जैसे वर्मी कम्पोस्ट का छिड़काव करें , पान के पत्ते में अगर कोई कीटों की समस्या होती है , तो कोई केमिकल युक्त कीटनाशक न डाले इसके लिए नीम ऑयल का स्प्रे करे , और इसके आलावा पान के पौधे को 8 से 10 दिन में स्प्रे के माध्यम से पौधे के ऊपर से सिंचाई करें , इससे कीटों की संभावना नहीं होती है , पान का सही देखभाल बहुत जरुरी होता है , इससे पान का पत्ता हरा भरा और स्वस्थ रहता है , kam jagah men
