Kam lagat men , अलसी की आधुनिक तरीके से खेती करके ज्यादा उत्पादन लिया जा सकता है , जिसे flax seeds भी कहा जाता है , जो रबी सीजन की तिलहन फसल होती है , अलसी की खेती का उत्पादन कम पानी कम खाद उर्वरक और मध्य भूमि में भी किया जा सकता है , अलसी बीज से तेल उत्पादन और इसके आलावा पशु आहार खली , औषधीय , आयुर्वेद जैसे विभिन्न कामों में उपयोग किया जाता है , और अलसी की मांग बाजार में बहुत होती है ।

kam lagat men अलसी की खेती और सही देखभाल
अलसी खेती करने का उचित समय अक्टूबर महीना होता है , इसके लिए तापमान 25°c डिग्री सेल्सियस से 30°c सेल्सियस तक ज्यादा उपयुक्त होता है , इस बीच के तापमान में अलसी का पौधा अच्छे से ग्रो करता है , अलसी की फसल को उगाने के लिए काली मिट्टी , दोमट मिट्टी , चिकनी मिट्टी , लाल मिट्टी , रेतीली मिट्टी , सभी तरह की मिट्टी में अलसी की खेती के लिए मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है । मिट्टी का ph 5.5 से 6.5 तक अच्छा होता है ,
खेत की अच्छी तैयारी फसल की अच्छा उत्पादन लेने के लिए बहुत जरुरी होता है , खेत में गोबर की खाद 2 से 3 ट्राली डाल कर खेत की गहरी जोताई दो से तीन बार और रोटावेटर से खेत को अच्छी तरह से भुरभुरी बनाकर खेत को अच्छी तरह से तैयार करलें । अलसी की उन्नत किस्म , Lc 2063 , जवाहर 23 , इंदिरा अलसी 32 , T 397 , Rc 933 ऐ सभी किस्म हल्की और मध्य भूमि में अच्छा उत्पादन देने वाली किस्म होती है , बीज की मात्रा प्रति एकड़ 12 से 14 किलोग्राम तक की जरुरत होती है ,
अलसी की फसल में बिल्ट फंगस जैसी समस्या से बचाने के लिए बीज उपचार करना जरुरी होता है , ( Cm 75 कार्बेन्डाजिम 12% 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से बीज उपचार करें । बीज उपचार करने से बीज का अंकुरण जमाव काफी बेहतर होता है । अलसी की खेती बैड विधि से करना ज्यादा बेहतर होता है , बैड मेकर से बैड को तैयार करें । बैड की चौड़ाई 2 फीट और बैड से बैड की दूरी 2 फीट बैड की ऊंचाई ½आधा फीट होना चाहिए । बुवाई के समय खाद उर्वरक का प्रयोग , SSP खाद 45 से 50 किलोग्राम , DAP खाद 20 किलोग्राम , यूरिया खाद 20 से 25 किलोग्राम प्रति एकड़ के दर से बुवाई के समय प्रयोग करें ।
बीज की बुवाई की गहराई 3 से 4 सेंटीमीटर ,पौधे से पौधे की दूरी 5 से 7 सेंटीमीटर , और कतार से कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर तक उपयुक्त होती है , अलसी की फसल में सिंचाई , अलसी की फसल कम से कम सिंचाई में फसल तैयार हो जाती है , फिर भी एक से दो सिंचाई करनी होती है , पहली सिंचाई 35 से 40 दिन में और दूसरी सिंचाई फूल आने से पहले सिंचाई करें ।

फसल में खरपतवार नियंत्रण , फसल में होने वाले खरपतवारों को समय समस्य से निराई गुड़ाई के माध्यम से खरपतवार को निकाल दें , और इसके आलावा बुवाई करते समय (Upl Pendimethalin 30%Ec) 1 लीटर 200 लीटर पानी में घोल बनाकर बुवाई के तुरंत बाद स्प्रे करें । अलसी की फसल में कीट नियंत्रण , अलसी की फसल में बिल्ट , उकठा , जैसिड जैसे रोगों की समस्या अगर होती है तो इसके लिए ( Syngenta Actara 10 gm ) (UPL Saaf 40gm) दोनों फंगीसाइड को 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें । जब अलसी की फसल 35 से 40 दिन की हो जाए । अगर फसल में कीटों का प्रकोप कम है तो एक ही बार स्प्रे करें ।
फसल में खाद उर्वरक , फसल में अच्छा उत्पादन के लिए खाद उर्वरक डालना बहुत जरुरी होता है । जब फसल लगभग 35 से 40 दिन की हो जाए , सल्फर 90% वाला 3 किलोग्राम , यूरिया खाद 35 से 40 किलोग्राम प्रति एकड़ के दर से अलसी की फसल में छिड़काव करें । अलसी की फसल तैयार होने में लगभग 110 से 120 दिन में तैयार हो जाती है , अलसी की फसल की अच्छी देखभाल करके फसल का उत्पादन 8 से 10 क्विंटल तक का उत्पादन प्रति एकड़ लिया जा सकता है ।
