pyaj ugane ka सही समय रबी सीजन में दिसम्बर से जनवरी तक का उचित समय होता है , और खरीब सीजन में जुलाई से अगस्त तक अच्छा माना जाता है , प्याज की खेती के लिए जलवायु और तापमान 15°C डिग्री सेल्सियस से 35°C डिग्री सेल्सियस तक उपयुक्त होता है । मिट्टी का ph 5.5 से 6.5 तक अच्छा माना जाता है । इन दोनों सीजन में pyaj ugane ka सबसे उपयुक्त समय होता है

pyaj ugane ka सही समय और खेत की तैयारी
प्याज लगाने के लिए भूमि का प्रकार और खेत की तैयारी बहुत जरुरी कदम होता है , ऐसे तो सभी प्रकार की भूमि पर प्याज की खेती की जा सहती है , लेकिन प्याज की अच्छी उत्पादन के लिए काली दोमट मिट्टी , दोमट चिकनी मिट्टी पीली दोमट इन सभी मिट्टी में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन लिया जाता सकता है । खेत की गहरी जोताई 2 से 3 बार करें और रोटावेटर से खेत को भुरभुरी बनालें खेत की जोताई के समय 2 से 3 ट्राली गोबर की खाद का छिड़काव करें , खेत भुरभुरा होने से प्याज के कंदो का विकास अच्छे से हो पाता है ।
प्याज की उन्नत किस्म , खरीब सीजन और रबी सीजन के लिए , ( एलोरा चाइना किंग ) ऐ प्याज गोल आकर और गहरे लाल रंग की होती है । ( पंचगंगा ) ऐ किस्म अच्छी उपज और जल्दी तैयार होने वाली किस्म होती है । ( प्रशांत हाइब्रिड ) ऐ एक हाइब्रिड किस्म है , ( प्राची चाइना रेड ) और इसके आलावा रबी सीजन के लिए ( पूसा रेड ) (जिंदल नासिक रेड ) ( भीमा सुपर ) गहरे लाल रंग और 100 से 120 दिन में तैयार होने वाली किस्म होती है , खरीब और रबी सीजन की इन सभी किस्में अच्छी उत्पादन और गुणवत्ता वाली होती है ।
प्याज की नर्सरी और बीज की मात्रा
बीज की मात्रा प्रति एकड़ लगभग 3 किलोग्राम से लेकर 3.5 तक की आवश्यकता होती है , प्याज लगाने से पहले नर्सरी तैयार करना होता है , और बीजों का बीज उपचार करना बहुत जरुरी होता है , ट्राइकोडर्मा 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के साथ बीज उपचार करें , बीज उपचार करने से फफूंद रोग , जड़ गलन , उकठा रोग जैसी समस्या से फसल को बचाव किया जा सकता है । प्याज की नर्सरी क्यारियों के माध्यम से तैयार करें , नर्सरी 40 से 50 दिन में तैयार हो जाती है , जब नर्सरी में प्याज का पौधा 4 से 5 इंच का हो जाए तब प्याज की रोपाई के लिए तैयार हो जाता है प्याज की रोपाई के समय खाद की मात्रा , SSP खाद 90 से 100 किलोग्राम , Mop खाद 30 किलोग्राम , DAP खाद 50 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से रोपाई के समय क्यारियों के ऊपर खादों का छिड़काव करें ।
प्याज लगाने के लिए बैड तैयार करना होता है , इसके लिए बैड मेकर की मदद से बैड को तैयार करें , बैड की चौड़ाई 2.5 फीट ,बैड से बैड की दूरी 2 फीट , बैड की ऊंचाई 1 फीट प्याज की क्यारियों के लिए बेहतर होता है , और प्याज के पौधे की रोपाई की दूरी 4 से 5 इंच तक होना जरुरी होता है , पौधे से पौधे की दूरी होने से कंदो का विकास अच्छे से हो पाता है , प्याज की फसल में सिंचाई ऐ भी बहुत जरुरी होता है , लेकिन इसमें अलग अलग सीजन से अलग अलग सिंचाई की जरुरत होती है । खरीब सीजन में अगर बारिश कम होती है , तो 4 से 5 दिन में सिंचाई जरुरत होती है , और रबी सीजन में मौसम ठंडा होता है , तो इसमें 8 से 10 दिनों में सिंचाई की आवश्यकता होती है , लेकिन प्याज की सिंचाई फसल की जरुरत के हिसाब से करें , और खेत में जल भराव न हो ।

प्याज की फसल में खरपतवार नियंत्रण , खेत में खरपतवार होने से फसल की बढ़बार और उत्पादन में भारी कमी होती है , खेत में खरपतवार होने पर समय समय पर निराई गुड़ाई करें , और इसके आलावा ( Pendimethalin 30%Ec) 1 लीटर , 200 लीटर पानी में मिलाकर प्याज की रोपाई से पहले पूरे खेत में स्प्रे करें । होने वाले खरपतवार पूरी तरह से नस्ट हो जाते है ,
कीट नियंत्रण , प्याज की फसल में होने वाले कीट थ्रिप्स , माहू , एफिड जैसी समस्या देखने को मिलती है । फसल में कीट फंगस होने से फसल पूरी तरह से कम जोर पड़ जाती है , इसके नियंत्रण के लिए ( Syngenta Quantis 40 ml) ( Saaf fungicide 30 gm) ( Upl Lancer gold 30gm) इन सभी कीटनाशकों को 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ।
प्याज की फसल में खाद उर्वरक देने का समय , जब फसल 20 से 25 दिन की हो जाए NPK 50 किलोग्राम , यूरिया खाद 45 किलोग्राम , micronutrients खाद 5 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें , और फसल जब 50 से 60 दिन की हो जाए तब यूरिया खाद 30 किलोग्राम , सल्फर 5 किलोग्राम , प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें । खेत में खादों का छिड़काव करने के तुरंत बाद खेत की सिंचाई करें । फसल से समय समय से खाद , पानी , खरपतवार नियत्रण , और कीट नियत्रण जैसी देखभाल करके अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है । प्याज की फसल तैयार होने में 120 से 140 दिन में पक कर तैयार हो जाती है , और प्याज की फसल में उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 120 से 130 क्विंटल तक होती है ।
