Shakarkand ki kheti , से किसान बनाएं अपनी किस्मत ?

Shakarkand एक मीठी जड़ी वाली सब्जी होती है , जिसे भून कर और गर्म पानी में उबाल कर खाने में उपयोग किया जाता है , शकरकंद की खेती आलू जैसी प्रजातियों  की तरह होती है , और इसके फसल का विकास जमीन के अंदर होता है , शकरकंद की खेती कर के कम लागत में ज्यादा कमाई की जा सकती है , और परम्परागत तरीके से किसान शकरकंद की खेती कर रहे है । शकरकंद लगाने का सबसे अच्छा महीना जून , जुलाई का महीना ज्यादा उपयुक्त माना जाता है , और शकरकंद की अच्छी वृद्धि के लिए 20° डिग्री सेल्सियस से 30° डिग्री सेल्सियस तक अच्छा रहता है ,

 karen shakarkand ki kheti kam lagad men jyada munafa

Shakarkand की खेती की तैयारी

 

शकरकंद की पैदावार रेतीली मिट्टी अच्छी होती  है , क्योंकि रेतीली मिट्टी भुरभुरी और दलदली  होती है , इसमें जड़ों का विकास अच्छे से होता है , खेत की तैयारी के समय गोबर की खाद 3 से 4 ट्राली प्रति एकड़ के हिसाब से डाल कर खेत की गहरी जोताई करने और खेत को अच्छी तरह से भुरभुरी बनालें , खेत तैयार होने के बाद बैडमेकर की मदद से खेत में बैड तैयार करें  , क्योंकि शकरकंद की खेती बैड विधि से करना ज्यादा अच्छा होता है इसमें ऑक्सीजन मिट्टी के अंदर तक अच्छी तरह से प्रवेश हो पाता है , और जड़ों का सही तरीके से विकास होता है ,

 

बैड तैयार होने के बाद शकरकंद की फसल को लगाने के लिए नर्सरी से बीज का कटिंग कर के बीज को तैयार करें , बीज को लगाने से पहले तैयार किए गए बैड में उर्वरक खाद का छिड़काव करें , यूरिया खाद 20 किलोग्राम ,  DAP खाद 25 किलोग्राम , पोटाश 20 किलोग्राम , प्रति एकड़ के हिसाब से बैड की ऊपरी सतह में खाद का छड़काव करें और बीज की कटिंग को लगादें । शकरकंद की फसल में सिंचाई के लिए ज्यादा तर बरसात के पानी पर निर्भर होती है , और अलग से सिंचाई करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है ,

Shakarkand ki kheti kaise karen

Shakarkand का पौधा मिट्टी में लगाम लेन के कुछ दिन के बाद पौधे अगल बगल  मिट्टी चढ़ाना बहुत जरुरी होता है , क्योंकि मिट्टी  चढ़ाने से पौधा की अच्छे से  बढ़वार होती  है । और जड़ों का विकास अच्छे से हो पाता है , शकरकंद की फसल में अच्छा उत्पादन लेने के लिए कार्बनिक खाद देना जरुरी होता है ,  जब फसल 20 से 25 दिन की हो जाए तब  मैग्नेशियम सल्फेट  25 किलोग्राम , जिंक सल्फेट 60 किलोग्राम , बोरोन 15 किलोग्राम , जैसे कार्बनिक खाद  प्रति एकड़ के हिसाब से तीनो खाद को मिलाकर छिड़काव करें , और दूसरी बार खाद डालें जब फसल 45 से 50 दिन की हो जाए  तब डालें । फसल में लगने वाले कीट फंगस की नियमित रूप से देखभाल करें और कीट फंगस जैसी बीमारी का प्रकोप होने पर  कीटनाशक दवाइओं का स्प्रे करें ताकि फसल स्वस्थ रहे ।

 

खाद डालने से पौधे और जड़ों का विकास तो होता ही है , और इसमें कंद फटने जैसी समस्या नहीं होती है , शकरकंद की फसल तैयार होने के बाद पौधे की लताओं की कटाई छटाई कर के खेत को अच्छी तरह से साफ कर दें , ताकि कंद की खुदाई करने में कोई कठिनाई न हो और  कंद की अच्छी तरह से खुदाई हो सके । शकरकंद की फसल तैयार होने में लगभग 110 से 120 दिन में तैयार हो जाती है , फसल की अच्छा उत्पादन लेने के लिए फसल की समय समय पर देखभाल करना बहुत जरुरी होता है , अच्छी तरह से फसल की देखभाल करके 50 से 55 क्विंटल तक का उत्पादन प्रति एकड़ में लिया जा सकता है ।

 

 

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