Soybean ki kheti का अनकूल समय 15 जून से 30 जून तक का समय अच्छा माना जाता है, और इस समय के बीच की गई बुवाई से सोयाबीन का उत्पादन काफी अच्छा होता है, सोयाबीन की खेती के लिए मिट्टी का प्रकार काली मिट्टी, काली दोमट मिट्टी, मध्य हल्की मिट्टी, पीली मिट्टी, और मिट्टी का ph 5.5 से 7.5 तक का मिट्टी का ph काफी अच्छा होता है। और इसके साथ साथ खेत की उत्तम जल निकासी होनी चाहिए। सोयाबीन की फसल में अनकूल तापमान 25°c डिग्री सेल्सियस से 30° डिग्री सेल्सियस तक अच्छा होता है।
Soybean ki kheti की तैयारी
सोयाबीन की फसल की बुवाई के लिए खेत की तैयारी बरसात होने से पहले खेत की गहरी जोताई करके मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरी कर लेनी चाहिए। और खेत की तैयारी के समय गोबर की खाद का छिड़काव करें। खेत को पूरी तरह से बुवाई के लिए तैयार करें। सोयाबीन की फसल में अच्छा उत्पादन लेने के लिए बैड विधि से खेती करना ज्यादा जरुरी होता है?
बैड तैयार करना

- बैड की चौड़ाई 2.5 फीट
- बैड की ऊंचाई 1 फीट
- बैड से बैड की दूरी 3 फीट
एक बैड में डबल लाइन की बुवाई सोयाबीन की करें। सोयाबीन की बुवाई की जो पद्धति है, मजदूरों द्वारा की जा सकती है, और इसके आलावा मशीनों की मदद से सोयाबीन की बुवाई की जा सकती है। सोयाबीन के कतार से कतार की दूरी 18 इंच और पौधे से पौधे की दूरी 5 इंच और बीज की बुवाई की गहराई 2 इंच तक ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है।
सोयाबीन उन्नत किस्म
- JS 2433 सोयाबीन किस्म
- NR C142 सोयाबीन किस्म
- JS 2172 सोयाबीन किस्म
- NRC 165 सोयाबीन किस्म
- JS 2303 सोयाबीन किस्म
- JS 2218 सोयाबीन किस्म
सोयाबीन की इन सभी किस्में अच्छी किस्में मानी जाती है, और आज के समय के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा उत्पादन देने वाली किस्में होती है। सोयाबीन की बीज की मात्रा प्रति एकड़ लगभग 25 किलोग्राम से लेकर 30 किलोग्राम तक की आवश्यकता होती है,
सोयाबीन का बीज उपचार, अगर बीज उपचार किया जाता है तो लगने वाले कीट फंगस जनित बीमारियों से सोयाबीन की फसल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। बीज उपचार करने के लिए सबसे अच्छी कीटनाशक दवा,
- Warden Extra fungicide 5 ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से
- Basf xelora fungicide 2 ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से
- Syngenta Vibrance Integral 5ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से
- Upl Electron fungicide 3ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से
- Evergol xtend fungicide 4ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से
इन सभी कीटनाशक दवाइयों के माध्यम से बीज उपचार करें, बीज उपचार करने से फसल स्वस्थ और बीजों का जमाव अच्छे से हो पाता है।
सोयाबीन की फसल में बैसल डोज बुवाई के समय

- DAP खाद 25 किलोग्राम
- SSP खाद 50 किलोग्राम
- MOP खाद 25 किलोग्राम
- Regent Ultra 2 किलोग्राम
- गोबर की खाद 2 ट्राली
खेत में इन सभी खादों का छिड़काव करके सोयाबीन की बुवाई करें, जिंक बोरोन, सल्फर, पोटेशियम, कैल्सियम, फॉस्फोरस, नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्तों की कमी की पूर्ति होती है,
soybean ki kheti में खरपतवार नियंत्रण , फसल में खरपतवार होने पर फसल प्रभावित होती है, इसके लिए मजदूरों द्वारा खरपतवार होने पर समय से खरपतवार की निराई गुड़ाई करें, या बुवाई के समय Authority कीट नाशक दवाई का स्प्रे करें।
सोयाबीन की फसल में कीट रोग , सोयाबीन की फसल पीला मोजेक वायरस जैसे बीमारी का प्रकोप दिखाई देता है, इस बीमारी का फैलने का कारण मौसम खराब ज्यादा दिन तक आसमान में बादल छाए रहना और यह बीमारी सफेद मक्खी से फैलती है, यह वायरस जनित बीमारी एक पौधे से दूसरे पौधे और पूरे खेत पर फैल जाती है।
पीला मोजेक वायरस रोकथाम

- नीम तेल 4 ml
- इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL 6ml
- एसीफेट 75 SP 5 gr
- डाइमेथोएट 30 EC 5ml
प्रति लीटर पानी के साथ कीटनाशक दवाइयों को मिलाकर स्प्रे करें। कीटनाशक का स्प्रे करने से पीला मोजेक वायरस और सफेद मक्खी से काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है। Soybean ki फसल सिंचाई करने की ज्यादा जरुरत नहीं होती है, वर्षा पर निर्भर होती है, अगर समय से वर्षा होती है। तो सोयाबीन की फसल का उत्पादन भी अच्छा होता है। सोयाबीन की फसल तैयार होने में लगभग 100 से 120 दिन में पक कर तैयार हो जाती है, और सोयाबीन की फसल का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 25 से 30 क्विंटल तक का उत्पादन होता है।

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